निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद आवश्यक सरकारी प्रमाणन हेतु विशेषज्ञ सहायता
सारथी ग्रुप (A Unit of HiTech Architects and Associates) आवासीय, व्यावसायिक एवं औद्योगिक परियोजनाओं के लिए Completion Certificate (CC) प्राप्त करने की संपूर्ण प्रक्रिया में विशेषज्ञ सहायता प्रदान करता है। हमारी अनुभवी टीम दस्तावेज़ीकरण, तकनीकी अनुपालन एवं विभागीय समन्वय के माध्यम से आपके भवन या परियोजना के लिए आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कराने में सहयोग करती है।
कम्प्लीशन सर्टिफिकेट (CC) एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज़ है, जो यह प्रमाणित करता है कि भवन या परियोजना का निर्माण स्वीकृत भवन योजना, लागू नियमों एवं संबंधित प्राधिकरणों के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूर्ण किया गया है।
हमारी सेवाएं
CC आवेदन प्रक्रिया सहायता
Completion Certificate के लिए आवश्यक आवेदन तैयार करने एवं संबंधित विभागों में प्रस्तुत करने की संपूर्ण सहायता।
दस्तावेज़ीकरण एवं सत्यापन
स्वीकृत भवन योजना, निर्माण विवरण, तकनीकी दस्तावेज़ एवं अन्य आवश्यक अभिलेखों की तैयारी एवं जांच।
विभागीय लायज़निंग सेवाएं
MCD, DDA, DSIIDC एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अनुमोदन प्रक्रिया को सुचारु बनाना।
तकनीकी अनुपालन सहायता
निर्माण कार्य को स्वीकृत मानकों एवं नियमों के अनुरूप सुनिश्चित करने हेतु विशेषज्ञ मार्गदर्शन।
निरीक्षण एवं स्वीकृति समन्वय
विभागीय निरीक्षण एवं आवश्यक प्रक्रियाओं के दौरान पूर्ण सहयोग एवं समन्वय।
दस्तावेज़ संशोधन एवं अनुपालन सहायता
यदि किसी दस्तावेज़ या प्रक्रिया में सुधार अथवा अतिरिक्त अनुपालन की आवश्यकता हो, तो उसके लिए विशेषज्ञ सहायता प्रदान करना।
CC की आवश्यकता किन परियोजनाओं में होती है?
✔ आवासीय भवन एवं हाउसिंग प्रोजेक्ट्स
✔ व्यावसायिक भवन एवं कॉम्प्लेक्स
✔ औद्योगिक भवन एवं फैक्ट्रियां
✔ कार्यालय एवं संस्थागत भवन
✔ गोदाम एवं वेयरहाउस
✔ मिश्रित उपयोग (Mixed Use) परियोजनाएं
हमारे साथ काम करने के लाभ
✔ अनुभवी एवं पेशेवर टीम
✔ सरकारी नियमों एवं प्रक्रियाओं की गहन जानकारी
✔ संपूर्ण दस्तावेज़ीकरण सहायता
✔ तेज़ एवं पारदर्शी सेवाएं
✔ विभागीय समन्वय में विशेषज्ञता
✔ समयबद्ध एवं विश्वसनीय समाधान
हमारा उद्देश्य
हमारा उद्देश्य भवन मालिकों, उद्योगों, व्यवसायों एवं डेवलपर्स को Completion Certificate प्राप्त करने की प्रक्रिया में सरल, प्रभावी एवं पेशेवर सहायता प्रदान करना है, ताकि उनकी परियोजनाएं सभी आवश्यक सरकारी मानकों एवं स्वीकृतियों के अनुरूप प्रमाणित हो सकें।